UP Board Exam Rule Changed 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने UP Board हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को नकल-मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े बदलाव करने की तैयारी कर ली है। इस बार परीक्षा प्रणाली में डिजिटल निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि फर्जी परीक्षार्थियों और साल्वर गैंग पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड होगा अनिवार्य
यूपी बोर्ड अब एडमिट कार्ड को आधार नंबर से लिंक करने की योजना पर काम कर रहा है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले हर छात्र का फोटो युक्त आधार कार्ड से सत्यापन किया जाएगा।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा न दे सके। अगर किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत नहीं आई, तो यह नियम इसी वर्ष लागू कर दिया जाएगा।
परीक्षा तिथि और केंद्रों की जानकारी
UP Board की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी।
इसके लिए राज्यभर में 136 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि केवल उन्हीं स्कूलों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरे पहले से लगे होंगे।
डिजिटल निगरानी और जियो टैगिंग
परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर परीक्षा केंद्र की जियो टैगिंग की गई है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे जिला मुख्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं (आंसर शीट) के फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके।
स्टाफ के लिए QR कोड युक्त आईडी
केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े स्टाफ पर भी सख्ती की जा रही है।
केंद्र व्यवस्थापक, निरीक्षक, परीक्षक और अन्य कर्मचारियों के लिए QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी करने की योजना है। इससे किसी बाहरी व्यक्ति या अयोग्य शिक्षक की ड्यूटी लगने की संभावना खत्म हो जाएगी।
फर्जी परीक्षार्थियों पर कसेगा शिकंजा
हर साल यूपी बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी संख्या में फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते हैं। खासकर फिरोजाबाद जैसे क्षेत्रों में सक्रिय साल्वर गैंग पहले भी उजागर हो चुके हैं।
अब आधार आधारित सत्यापन से ऐसे मामलों पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है।