CBSE Board Exam 2026 Pattern : परीक्षा पैटर्न को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है , शैक्षणिक सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी 2026 से शुरू होंगी और इस बार परीक्षा पैटर्न पहले से काफी अलग होगा। CBSE ने यह बदलाव पहले ही घोषित कर दिए थे, लेकिन अब परीक्षा नजदीक आने पर छात्रों के लिए इन नई गाइडलाइंस को समझना बेहद जरूरी हो गया है।
योग्यता-आधारित प्रश्नों पर बढ़ा फोकस
CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में योग्यता-आधारित (Competency-Based) प्रश्नों का वेटेज बढ़ा दिया है। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों की रटने की आदत को कम कर उनकी समझ, सोचने की क्षमता और एप्लीकेशन स्किल को परखना है।
कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में योग्यता-आधारित प्रश्नों का वेटेज बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, कक्षा 12वीं में यह वेटेज 40 प्रतिशत होगा।
MCQs और केस स्टडी आधारित सवाल
नई परीक्षा प्रणाली में MCQs और केस स्टडी आधारित प्रश्नों की भूमिका भी अहम हो गई है। 10वीं कक्षा में MCQs का वेटेज 20 प्रतिशत रखा गया है, जबकि 12वीं में MCQs 40 प्रतिशत तक होंगे। इनमें ऐसे सवाल शामिल होंगे जो सीधे किताबों से नहीं पूछे जाएंगे, बल्कि छात्रों की अवधारणाओं की समझ, विश्लेषण क्षमता और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में ज्ञान के प्रयोग को जांचेंगे। केस स्टडी और स्रोत-आधारित एकीकृत प्रश्न इसी श्रेणी में आते हैं।
पारंपरिक प्रश्नों का घटा वेटेज
CBSE ने पारंपरिक शॉर्ट और लॉन्ग आंसर टाइप प्रश्नों के वेटेज में भी कटौती की है। कक्षा 10वीं में यह वेटेज 40 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, कक्षा 12वीं में शॉर्ट और लॉन्ग प्रश्नों का वेटेज 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की तैयारी के तरीके पर पड़ेगा। अब केवल किताबों की लाइनें याद करना काफी नहीं होगा, बल्कि कॉन्सेप्ट को समझकर उत्तर लिखना जरूरी होगा।
छात्रों के लिए क्या है जरूरी
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 का नया पैटर्न छात्रों को कॉन्सेप्ट क्लियर करने, प्रैक्टिकल सोच विकसित करने और रियल-लाइफ एप्लीकेशन पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करेगा। परीक्षा से पहले सिलेबस के साथ-साथ नए पैटर्न के अनुसार प्रैक्टिस करना सफलता की कुंजी साबित हो सकता है।