OLD Pension Scheme : कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन योजना का लाभ ? इंतजार पर मिला बड़ा अपडेट

OLD Pension Scheme: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है , लंबे समय से कर्मचारी संगठन और यूनियन OPS की बहाली की मांग कर रहे हैं। इसी बीच संसद में इस मुद्दे पर सरकार की ओर से जो जवाब आया है, उसने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल OPS को वापस लाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

क्यों दोबारा चर्चा में आई पुरानी पेंशन स्कीम?

दरअसल, सरकार द्वारा पेश की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला , केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को UPS चुनने के लिए कई बार डेडलाइन बढ़ाई, लेकिन इसके बावजूद बहुत कम कर्मचारियों ने इसे अपनाया। यही वजह है कि OPS की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।

लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 23 लाख पात्र केंद्रीय कर्मचारियों में से सिर्फ 1.22 लाख कर्मचारियों ने ही UPS का विकल्प चुना। इतनी कम संख्या में UPS अपनाए जाने से कर्मचारी संगठनों और विपक्षी दलों ने OPS की वापसी की मांग और तेज कर दी।

OPS, NPS और UPS में क्या है बड़ा फर्क?

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद उनकी आखिरी बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलता है। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पेंशन की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती है और कर्मचारी को कोई योगदान नहीं करना पड़ता।

वहीं, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) दोनों ही योगदान-आधारित योजनाएं हैं।

इनमें कर्मचारी और सरकार दोनों को सेवा अवधि के दौरान पैसा जमा करना होता है। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पूरी तरह से जमा राशि और बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बनी रहती है।

संसद में सरकार ने क्या कहा?

15 दिसंबर को लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सरकार का रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS को बहाल करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।

मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि NPS या UPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को दोबारा OPS में शामिल करने की योजना पर सरकार विचार नहीं कर रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ राज्यों द्वारा OPS अपनाने के बावजूद केंद्र सरकार ने अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं किया है।

कर्मचारियों में क्यों बनी हुई है OPS की मांग?

सरकारी कर्मचारियों के बीच OPS आज भी बेहद लोकप्रिय है, क्योंकि यह जीवन भर स्थिर और निश्चित पेंशन की गारंटी देती है। बाजार के उतार-चढ़ाव का इसमें कोई असर नहीं होता। इसके उलट, NPS और UPS में भविष्य की पेंशन को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, जो कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता है।

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